मूलांक कैलकुलेटर
मूलांक आपका मूल अंक है, जो जन्म के दिन से निकलता है।
निःशुल्क, तुरंत, और कुछ भी सेव नहीं होता। गणना आपके ब्राउज़र में ही चलती है।
मूलांक के बारे में
मूलांक, जिसे मूल अंक या साइकिक नंबर भी कहा जाता है, केवल जन्म के दिन से बनता है, महीने और वर्ष से इसका कोई सम्बंध नहीं। किसी भी महीने और किसी भी वर्ष की 12 तारीख़ को जन्मे व्यक्ति का मूलांक 3 होता है (1 + 2)।
वैदिक अंकशास्त्र में मूलांक बताता है कि आप स्वयं को कैसे देखते हैं और सहज रूप से कैसा व्यवहार करते हैं। यह आपका स्वभाव है, भाग्य नहीं। रोज़मर्रा के आचरण में यही अंक सबसे साफ़ दिखता है, इसलिए अंकशास्त्री सबसे पहले इसी को देखते हैं।
इसे अक्सर भाग्यांक समझ लिया जाता है, जो पूरी जन्म तिथि से बनता है। दोनों अलग अंक हैं, अर्थ भी अलग है, और अधिकांश लोगों के ये दो अलग-अलग निकलते हैं।
मूलांक: आम सवाल
मूलांक और भाग्यांक में क्या अंतर है?
मूलांक केवल जन्म के दिन से बनता है और आपका स्वाभाविक स्वभाव बताता है। भाग्यांक पूरी जन्म तिथि से, यानी दिन, माह और वर्ष से बनता है, और जीवन की दिशा बताता है। अधिकांश लोगों के ये दो अलग अंक होते हैं।
क्या जन्म का समय मूलांक को बदलता है?
नहीं। मूलांक केवल जन्म की तारीख़ पर निर्भर है। जन्म का समय कुंडली के लिए आवश्यक है, अंकशास्त्र के लिए नहीं।
मेरा मूलांक 11 या 22 निकले तो?
वैदिक अंकशास्त्र में हर संख्या 1 से 9 तक घटाई जाती है, इसलिए 11 का 2 और 22 का 4 हो जाता है। पश्चिमी अंकशास्त्र 11 और 22 को मास्टर नंबर मानता है। यह कैलकुलेटर घटाने से पहले का योग और अंतिम अंक, दोनों दिखाता है।
क्या यह मूलांक कैलकुलेटर सही है?
गणित पूरी तरह मानक और निश्चित है: जन्म के दिन को घटाने का एक ही सही तरीक़ा है। परंपराओं में फ़र्क़ हर अंक के अर्थ को लेकर होता है, गणना को लेकर नहीं। गणना यहाँ खुली दिखाई जाती है ताकि आप स्वयं जाँच सकें।